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Abhi Bahut Kuch Karna Hai, ये feeling हर व्यक्ति के मन में जरूर आती हैं, की समय कम हैं और काम बहुत ज्यादा हैं। लाइफ में कुछ भी निश्चित नहीं हैं, कब, क्या और कैसे होगा, किसी को नहीं पता हैं। आज किसके पास कितना टाइम हैं, किसी को नहीं पता हैं, फिर भी सब अपनी ही धुन में ही जिंदगी को जिए जा रहे हैं।

जिंदगी आसान नहीं हैं, और ऐसे में जब पैसे की कमी हो, तो जिंदगी और भी बेकार हो जाती हैं। आज हर कोई अपने ही खर्चों से उभर नहीं पा रहा हैं, ऐसे में किसी से एक्सपेक्टेशन नहीं की जा सकती हैं। सच में कोई नहीं जानता हैं, की कब और कौन सी रात आखिरी हो जायेगी। सोचो तो डर से दिल कांप जाता हैं, फिर अपने मन को समझाकर आगे बढ़ जाते हैं।

इस दुनिया में ना गम की कमी हैं, और ना ही ख़ुशी की कमी हैं, कोई बहुत खुश है, तो कोई बहुत दुखी हैं, पर एक सच ये बहुत बड़ा हैं की कोई भी ना ही सुख से दूर रह पायेगा और ना ही दुःख से बच पायेगा, चाहे जितने भी जतन कर लो।

जीवन की इस यात्रा में कुछ भी रुकने वाला नहीं हैं, सब चलता रहेगा, बस जिसके साथ कुछ गलत होता हैं, वह जरूर रुक जाता हैं, और बाकी तो सब अपने हिसाब से अपनी जिंदगी को जीते रहते हैं।

समय कब पलटी खायेगा और सब कुछ तहस – नहस कर देगा, किसी को कुछ नहीं पता हैं, ऐसे में बेचारा इंसान करे भी तो क्या करे। जीवन में ना जाने कितनी अनकही बातें रह जाती हैं, क्योंकि आज हर कोई अपनी जिंदगी को चलाने, और रोजी रोटी कमाने में इतना व्यस्त हैं की उसके पास अपने लिए ही समय नहीं हैं।

आज हर कोई दूसरों का ध्यान रखने में तो बहुत माहिर हैं, पर जब ध्यान खुद का देने बारी की आती हैं तो हर कोई अनदेखा कर देता हैं। इस दुनिया में हर कोई किसी ना किसी उद्देश्य से आया हैं, और जितने समय के लिए आया हैं, वह इस दुनिया में तब तक ही रहेगा, उसके बाद ना एक पल ज्यादा और ना ही एक पल कम रहेगा।

Abhi Bahut Kuch Karna Hai
Abhi Bahut Kuch Karna Hai

बचपन से हम सब अपने बड़ो से सुनते आ रहे हैं, की इंसान तो कठपुतली हैं, नचाने वाला तो कोई और ही हैं, सच में आज इस उम्र में ये बिलकुल सच लग रहा हैं की कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से नहीं जी सकता हैं, ये तो ऊपर वाले की इच्छा हैं, की हम और आप कैसे रहेंगे।

आज हर कोई अपने हिसाब से दिन -रात जुटा पड़ा हुआ हैं, की कैसे मैं अपने घर और परिवार को और बेहतर लाइफ दे सकू, कैसे मैं और प्रोग्रेस कर सकू, पर एक बहुत बड़ी सच्चाई ये भी हैं की जितना मिलना होगा, वह मिलेगा, और जो नहीं मिलना होगा, वह मिलकर भी चला जाएगा, इसलिए सदैव हर सिचुएशन में धर्य बनाये रखे और ईश्वर पर भरोसा रखे।

एक बात सदैव अपने दिमाग में रखिये की आप जो भी कर रहे हैं, वह सबसे बेस्ट कर रहे हैं, अपने मन में कभी ये ना सोचे की आप अपने घर -परिवार के लिए कुछ नहीं कर पाए, कई बार ऐसे ख्याल आ जाते है, पर जो चीजे आपके बस में नहीं हैं, उनके बारे में सोचकर खुद को दोषी ठहराने से भी कुछ नहीं होगा, और वैसे देखा जाए तो हर कोई अपने सामर्थ्य के हिसाब से वह सब कुछ करता हैं, जो वह कर सकता हैं।

ये आपको हमेशा ही लगेगा, क्योंकि एक जिम्मेदारी को पूरा करेंगे, दूसरी अपने आप सामने आ जायेगी। जिम्मेदारियां तो तभी ख़तम होगी जिस दिन इस दुनिया से अलविदा कह देंगे, इसलिए कभी भी ज्यादा मत सोचे, हमेशा खुश रहे और इस बात को माने की आप जो कुछ भी कर रहे हो, वही बेस्ट हैं।

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