होली पूरे भारत वर्ष में बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती हैं। होली फाल्गुन महीने में पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। Holi 2021 बहुत अलग हैं । हर उम्र के लोग इस त्यौहार को एन्जॉय करते हैं।

क्योंकि हम सब ने पीछे के कुछ महीने इतनी बड़ी महामारी कोरोना वायरस के साथ में बिताये हैं और आने वाले समय में भी हम सब को इसका सामना करना पड़ेगा , तो ऐसे में किसी भी त्यौहार के आने पर जितनी ख़ुशी हैं, उतनी चिंता भी हैं, की कैसे हम इस पान्डेमिक के बीच में अपनी खुशियों और सेलेब्रेशन्स को कंटिन्यू करेंगे ।

Holi 2021

हम सब के लिए होली बहुत ही स्पेशल त्यौहार हैं, जिसमे रंग हैं, गुलाल हैं, मीठी गुजिया, खुरमा, पापड़ -चिप्स, अनेको मिठाईया और अलग -अलग तरह के पापड़ , सच में मुँह में पानी आ गया और अपनों के साथ होली सेलिब्रेशन की आँखों में चमक भी गयी । Holi 2021 को कोई भी नहीं भूलेगा , क्योंकि साल सबके लिए नए अनभवों को लेकर आया हैं । पर कोई नहीं, हर दिन एक जैसा नहीं होता हैं , जैसा भी समय हो एक दिन अपने आप निकल जायेगा ।

होली रंगो वाली हो या फूलों वाली , दोनों ही बहुत स्पेशल हैं । कुछ लोग सूखे रंगो से होली खेलते हैं , तो कुछ पानी वाली गीले रंगो से होली खेलते हैं। सभी लोग होली के त्यौहार को बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं, एक दूसरे के गले लग कर आपस में बधाइयाँ देते हैं । अपने पुराने झगडे भूलकर एक दूसरे को होली की मुबारक बाद देते हैं । सच में ये त्यौहार अपने आप में ही बहुत स्पेशल हैं ।

Holi 2021 समय और तिथि

होलिका दहन – 28th March 2021 (Sunday)
होली मिलन – 29th March 2021 (Monday)

होली को मनाये जाने के पीछे का इतिहास या कथा

हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि राक्षस की प्रजाति से था । उसके छोटे भाई की दुष्टता के कारण भगवान विष्णु ने उसका वध कर दिया था और इसी बात का बदला हिरण्यकश्यप भगवान् विष्णु से लेना चाहता था और इसलिए उसने अपने आप को शक्तिशाली बनाने के लिए उसने सालों तक कठोर जप – तप करके उसने भगवान् से वरदान प्राप्त किया। लेकिन इसके बाद से हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से खुद की भगवान की तरह जबरदस्ती पूजा करवाने लगा ।

हिरण्यकश्यप का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था चूँकि प्रहलाद के पिता भगवान् की पूजा के विरुद्ध थे, तो वह अपने बेटे को भी भगवान् की पूजा करने से रोकने का प्रयास करने लगे। लेकिन प्रह्लाद की भक्ति अनंत थी, पिता के लाख प्रयास के बाद भी बेटे ने भगवान् का स्मरण करना नहीं छोड़ा और इसी बात से खीज कर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका के साथ मिलकर योजना बनायीं।

होलिका, जिसे आग में ना जलने का वरदान प्राप्त था वह प्रह्लाद को जलती आग में लेकर बैठ गयी , परन्तु प्रह्लाद की भक्ति देखिये , प्रह्लाद बिना डरे और कोई सवाल किये, अपनी बुआ होलिका के साथ आग में बैठ गए और भगवान् विष्णु का गुणगान और मंत्र जपने लगे।

प्रहलाद बिना रुके सारा समय भगवान विष्णु के नाम का जप करता रहा और अंत में सुरक्षित बच गया पर होलिका अपने द्वारा लगायी गयी आग में जलकर राख हो गई। इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया। इसलिए होली के एक दिन पहले रात में होली जलाने की प्रथा हैं ।

होलिका का अंत इसलिए हुआ क्योंकि उसने गलत का साथ दिया , इसलिए होली के माध्यम से मैसेज जन -जन तक पहुंचना चाहिए की सत्य का मार्ग कठिन हो सकता हैं पर गलत नहीं हो सकता हैं ।

मथुरा वृन्दावन की होली

मथुरा वृन्दावन में होली को एक अलग ही भाव से मनाते हैं, यहाँ की होली अदभुत होती हैं । मथुरा वृन्दावन की होली के पीछे की कहानी राधा और कृष्ण से जुडी हैं । कहते हैं श्री कृष्ण भगवान अपने सावलें रंग को लेकर अपनी माँ से हमेशा शिकायत करते रहते थे की क्यों मैं इतना काला क्यों हूँ और राधा क्यों गोरी हैं । और इसीलिए वह अपने ग्वालों के साथ बरसाने राधा के गांव जाकर राधा और उसकी सखियों को रंगो से रंग देते थे ।

इस पर राधा और उसकी सखियाँ भी कान्हा को अपने अपने तरीके से परेशान करती थी। राधा और कृष्णा दोनों मिलकर लीला करते थे इसी को कृष्णा लीला कहते हैं । जब कान्हा रंगो को राधा और उसकी सखियों पर डालते तो उसकी सखियाँ डंडे और छड़िया लेकर कृष्णा के पीछे भागती थी , इसी के चलते लट्ठ मार होली का भी प्रचलन हैं । तभी से स्त्रियाँ पुरुषो के साथ लट्ठ मार होली खेलती हैं ।

होली में खाने पीने की चीजों को घर पर बनाये या बाजार से लाये

  • गुजिया
  • खुरमा
  • मिठाईआ
  • पेठा
  • सेमी (नमक पारे )
  • आलू पापड़
  • साबू दाना पापड़
  • रवा पापड़
  • मैदा पापड़
  • आलू चिप्स
  • फ्रूट्स
  • ड्राई फ्रूट्स

होली मिलन की खास बातें

होली के दिन पहले रात में होली जलाई जाती हैं, लोग अलैया बलैया दूर रहे, ऐसा बोलकर होली जलाते हैं। होली वाले दिन लोग सुबह से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ रंगो और गुलाल से होली खेलते हैं और फिर शाम को सभी रिश्तेदारों और दोस्तों के घर होली मिलने जाते हैं । होली मिलन का भी अपना एक अलग आनंद हैं । लोग एक दूसरे के गले लगकर हैप्पी होली की शुभकामनाये देते हैं और अपने बड़ो का आशीर्वाद लेते हैं ।

हर घर में खाने की तो जैसे दुकान लग जाती हैं, हर तरह के पकवान आपको खाने के लिए मिलेंगे। हर व्यक्ति अपनी -अपनी सुविधा और पसंद के हिसाब से खाने की व्यवस्था करता हैं । सच में ये दिन बहुत ही अच्छा होता हैं । आज कल लोग शहरों में अगर सबके घर होली मिलने नहीं जाते हैं तो एक जगह सब लोग इक्कठे हो जाते हैं और सब एक दूसरे से होली मिलते हैं ।

वास्तव में होली मिलन का दिन हैं, इसमें लोग बरसो के बाद अपने घर जाते हैं, या अपने घर में अपने लोगो को बुलाते हैं । यही कारण हैं की होली के टाइम आपको ट्रेनों, बसों और फ्लाइट्स में भरी भीड़ देखने को मिलेगी क्योंकि हर कोई अपने घर जाता हैं और फिर वापस आता हैं । इस फेस्टिवल का सबको ही बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता हैं ।

होली कैसी होनी चाहिए

  • सुरक्षित होली खेले, हंसी -हंसी में किसी का नुक्सान ना हो इस बात का ध्यान रखे ।
  • किसी भी दिखावे से बचे, कभी -कभी दिखाने के चक्कर में कोई दुर्घटना भी हो सकती हैं, इसलिए सेफ रहे और खुश रहे।
  • होली में एक दूसरे की ख़ुशी का ध्यान रखे, ना की किसी का मन दुखाये।
  • नशा इत्यादि के सेवन के बिना होली खेले ।
  • होली के नाम पर गुंडा गर्दी और जबरदस्ती ना करें, ख़ुशी से आराम से होली खेले।
  • होली मस्ती के नाम पर कुछ भी ऐसा ना करें, जिसके लिए आपको जिम्मेदार होना पड़े या आपके अपनों को समाज के सामने शर्मिंदा होना पड़े।
  • बड़ो का आशीर्वाद ले, उनके साथ समय बिताये।
  • अगर कोई रंगो से नहीं खेलना चाहता हैं, तो उसे फाॅर्स ना करे। ये ख़ुशी का त्यौहार हैं इसलिए ख़ुशी से मिलजुल सब एन्जॉय करें ।
  • अपने घर के काम को शेयर करें, ऐसा ना हो एक अकेला इंसान घर के काम करने में ही सारा समय निकाल दे, इसलिए सब लोग मिलजुल काम को निपटाए , होली में बहुत काम होता हैं, जैसे सफाई से लेकर गुजिया और पापड़ तक, इसलिए थोड़ा थोड़ा काम सब लोग करें । जितना आसानी से हो सके उतना ही काम करें।

Holi Message for everyone

दोस्तों, होली आने वाली हैं लेकिन कोरोना cases भी बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं इसलिए इस बार होली २०२१ को बहुत ही सतर्कता से खेले। जान हैं तो जहां हैं, ऐसा कोई काम ना करे जिससे आप या आपके अपने किसी बड़ी मुसीबत में पड़ जाए। होली के लिए लोग बहुत से प्लान कर रहे हैं की मिलकर होली खेलेंगे पर ये कितना सेफ हैं ये किसी को नहीं पता हैं।

इस बार होली में हम सब की जिम्मेदारी हैं की यदि आप या मैं कोई भी किसी भी बीमारी से ग्रषित हैं तो मिलजुलकर होली खेलने के प्लान को पोस्टपोन करे। कोरोना, ऐसे लोगो के लिए ज्यादा प्रभावशाली हैं जो पहले से किसी बीमारी से ग्रषित हैं, इसलिए अपना और अपनों का खास ख्याल रखे , अगर बच गए तो होली फिर आएगी लेकिन ये कीमती जिंदगी कभी वापस नहीं आएगी।

Share This :