Conversation लोगो से जुड़ने का एक माध्यम हैं। कन्वर्सेशन दो तरह की होती हैं एक पॉजिटिव और दूसरी नेगेटिव। How to avoid negative conversation, negative conversation जितनी ज्यादा एनर्जी देती हैं, नेगेटिव कन्वर्सेशन हमारे मन को उतना ही ज्यादा परेशान कर देती हैं।

लोगो के करीब जाने का रास्ता भी positive conversation हैं, और लोगो से दूर जाने का रास्ता negative conversation ही हैं। अक्सर लोग जाने अनजाने में ऐसी बातें कह देते हैं जिनको सुनकर बहुत दुःख होता हैं, और कभी -कभी तो लोग जान बूझकर भी ऐसी बातें बोल देते हैं। देखा जाए कन्वर्सेशन के बिना आप दुनिया में नहीं रह सकते हैं, यहाँ आपको सबसे ही बात करनी पड़ेगी।

एक बात हमेशा याद रखे, की जब भी कुछ बोले, तो ऐसा कभी कुछ ना बोले, जिससे सामने वाले व्यक्ति की इज्जत कम हो, आपका काम हैं लोगो को ऊपर उठाना, ना की उनकी किसी बात का मजाक बनाना।

नेगेटिव कन्वर्सेशन कभी भी कही भी शुरू हो सकती हैं, और इसकी शुरुवात कभी -कभी किसी छोटी सी बात से होती हैं और फिर एक बड़ा इशू भी बन जाती हैं।

आज हर कोई कहता हैं की नेगेटिव ना सोचो, ना बोलो, पर हर कोई जाने -अनजाने में कुछ ना कुछ नेगेटिव बोल हीदेता हैं। नेगेटिव कन्वर्सेशन को अवॉयड करने के लिए आपको एक अच्छा इंसान बनना होगा और अपनी सोच को पॉजिटिव रखना होगा।

How to avoid negative conversation
How to avoid negative conversation

पीठ पीछे निंदा ना करे, एक बात तो आप भी मानते होंगे की दुनिया में कोई भी व्यकित पूर्णरूप से परफेक्ट नहीं होता हैं, हर किसी में कोई ना कोई कमी जरूर होती हैं, पर कभी भी किसी की कमी किसी अन्य व्यक्ति से ना बताये, बल्कि जिसमे कमी हैं उसको बताये, जिससे वहअपनी कमी को दूर कर सके। जब अपने बारे में कोई ख़राब बात किसी अन्य व्यक्ति से सुनने को मिलती हैं, तो बहुत बुरा लगता हैं, पर वही बात जब आपको सामने से कोई समझाता हैं तो इतना बुरा नहीं लगता हैं इसलिए कभी भी किसी की निंदा ना करे। लोगो की अच्छाइयों की चर्चा करे, और कमियों को सदैव दबाये, जिससे आप भी खुश रह पाएंगे और आपके आस -पास के लोग भी खुश रह पाएंगे। जो व्यक्ति गुस्सा करता हैं, वह सबसे ज्यादा नुकसान अपना करता हैं।

जो हैं उसे स्वीकार करे,अक्सर लोग अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं, ऐसे में आप उस सिचुएशन को स्वीकार कर ले। एक कहावत हैं की पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से अच्छा हैं की अपने पैरों में चप्पल पहन लो, जो की बिलकुल सच हैं , यदि आप सभी लोग को अपने अकॉर्डिंग बनाना चाहेंगे तो आप सदैव दुखी रहेंगे, पर यदि आप जो जैसा हैं उसे वैसे ही स्वीकार कर लेंगे, तो आप मन से सुखी होंगे। जो लोग समय और माहौल के हिसाब से अपने आप को बदल लेते हैं, वही दुनिया में सफल होते हैं।

नेगेटिव कन्वर्सेशन को अवॉयड तभी कर सकते हैं, जब आप खुद से ये वादा कर ले की मैं किसी से कोई नकारात्मक बात नहीं करूँगा और ना ही किसी के बारे में कोई गलत बात सुनूंगा। एक बात तो हम सबको समझने की जरुरत हैं की दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं हैं, इसलिए कभी भी किसी को परफेक्ट करने में अपना समय और ऊर्जा ना लगाए। अक्सर हम सब सोचते हैं की हर काम हमारे मन मुताबिक हो जो की असल जिंदगी में मुमकिन नहीं हैं।

व्यस्त रहे, अपने समय को क्वालिटी काम में लगाए , ना की बेकार की बातों में अपना कीमती समय और ऊर्जा दोनों लगाए , बहुत से लोग भूल चुके हैं की आप जितना समय लोगो के बारे में सोचते हैं, यदि उसका थोड़ा समय अपने भविष्य को बनाने में लगाएंगे तो आपकी दुनिया ही बदल जाएंगी। अक्सर वही लोगो अन्य लोगो के बारे में ज्यादा बात करते हैं जो पूर्ण रूप से खाली हैं, या जिनसे किसी का सुख देखा नहीं जाता, ऐसे लोग किसी ना किसी बात को अनावश्यक करते रहते हैं।

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