मनुष्य एक सामजिक प्राणी हैं और हम सब सामाजिक बंधनो से बंधे है और social anxiety से ग्रसित हैं । How to deal with social anxiety एक कठिन काम हैं पर नामुनकिन नहीं । आज हर व्यक्ति किसी ना किसी प्रकार के मानसिक विकार का शिकार हैं ।  जहा समाज में एक तरफ अपनापन, प्यार, मोहब्बत, और एक दूसरे के लिए रेस्पेक्ट हैं वही दूसरी तरफ चिंता, परेशानी, और अनेको तकलीफे हैं , जिसे हम सब कही ना कही अपने तरीके से मैनेज करते हैं ।

एक अच्छी लाइफ को जीने के लिए सबसे जरुरी हैं सुकून, जो की पैसे से भी नहीं मिलता ।  चिंता करने से शरीर और मन दोनों की हानि होगी , इसलिए चिंता ना करे, जो कुछ भी हैं, जैसा भी हैं , हमेशा धैर्य से आगे बढे । social anxiety हमारे मन में एक डर पैदा कर देती हैं, जब हम किसी काम को अच्छे से नहीं कर पाते हैं, तो हमे उस काम के ना होने  का दुःख कम लगता हैं बल्कि हमे लोग क्या कहेंगे इस बात की परवाह ज्यादा रहती हैं ।

How to deal with Social Anxiety
How to deal with Social Anxiety

Social Anxiety को कैसे कम करें

  1. हम सब एक ही समाज का हिस्सा हैं , लेकिन खुद से ज्यादा समाज की परवाह करना कहा तक ठीक हैं, इस पर विचार करना होगा, समाज तो हमेशा उन लोगो के साथ खड़ा होता हैं, जो सफल हैं। 
  2. जब तक आप लाइफ में असफल रहेंगे तब तक आपके आस – पास कोई समाज नहीं होगा पर जैसे ही आप सफल होते हैं, तो दूर – दूर के लोग भी आपको अपना सगा बताएँगे । 
  3. आप ऐसे समाज की चिंता ना करें, जो सिर्फ खुश लोगो के साथ हैं, बल्कि समाज के कुछ अच्छे लोग जो आप दर्द और दुःख को समझे, उनके लिए सोचे ।
  4. हमेशा ध्यान रखे की जो व्यक्ति आज सफल हैं, वह भी जीवन में कई बार असफल हुआ होगा , बिना असफलता के सफलता भी नहीं मिलती हैं, इसलिए प्रयास और आस कभी ना छोड़े, एक दिन आपके सपने भी पूरे होंगे और आपको लोग पहचानेगे भी ।
  5. पूछिए उस समाज से वह कहा था जब आप दुखी और परेशान थे, इसलिए वास्तविकता में जीना सीखे, मरने के बाद तो सब अच्छा कहेंगे, तो क्या इसके लिए मर जाएंगे, नहीं ना , तो फिर क्यों इस झूठे ढकोसलों में अपने जीवन की वास्तविकता को ख़तम करना।
  6. इतने सच्चे बने की हर व्यक्ति आपसे बात करने में घबराये, क्योंकि झूठों के सामने तो सबकी जुबान चलती हैं पर सच्चे इंसान के आगे एक शब्द भी लोग सोच समझकर बोलते हैं ।
  7. अपने आप पर विश्वास रखे , आप चाह जाए तो क्या नहीं हो सकता हैं, आज लाइफ में अच्छा और बुरा जो कुछ भी हैं तो उसके लिए 60 % आपकी मेहनत और 40% आपकी किस्मत जिम्मेदार हैं ।
  8. निर्णय लेना सीखे, जो लोग खुद से निर्णय नहीं लेते हैं, ऐसे लोग हमेशा चिंता और परेशानी में रहते हैं, और दूसरों पर निर्भर रहते हैं, आपको अगर कोई बिज़नेस करना हैं तो उसके लिए आपके घरवाले पैसे खर्च कर सकते हैं, लेकिन उस बिज़नेस को कैसे करना हैं या करना हैं या नहीं करना हैं , ये सिर्फ आपके एक सही निर्णय पर ही निर्भर करता हैं ।
  9. अपनी सोच को बड़ा करे, और बुलंद भी, अपने इरादों को फौलाद की तरह मजबूत बनाये, जो की बड़ी सी बड़ी आंधी और तूफ़ान के आने पर भी डगमगाए । 
  10. ये बात कभी मत भूलना समाज आपसे हैं, आप समाज से नहीं , आज भी हम सब समाज के वह चार लोगो का पता नहीं कर पाए हैं, जो कुछ कहेंगे , ऐसा हम सब सोचते हैं ।
  11. खुश रहना सीखे, हमेशा चिंता में डूबे रहने से भी आप लाइफ में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे, जब मन खुश होगा तो हर काम में मन लगेगा और आपका एनर्जी लेवल भी अच्छा होगा ।  जब मन खुश तो कठोती में भी गंगा , ये बात बिलकुल सच हैं, एक खुश इंसान के लिए जंगल में भी मंगल हैं ।
  12. पॉजिटिव रहे, कभी ये ना सोचे की ये काम नहीं होगा, हमेशा अच्छा सोचे और हर व्यक्ति में एक अच्छी बात ढूढ़े ।  समाज कोई और नहीं बल्कि हम और आप बनाते हैं, तो क्यों ना हम एक ऐसा समाज बनाये जिसमे सब चिंता मुक्त हो  ।
  13. Social Anxiety को कम करने के लिए लाइफ में एक अच्छी लाइफस्टाइल को अपनाये, जैसे अच्छा खान – पान, अच्छे लोगो के साथ उठना -बैठना, इत्यादि । योगा और मैडिटेशन  करें ।  अच्छे लोगो की और अनभवी लोगो से बात करते रहे वह आपको समय – समय पर प्रेरित करेंगे ।
  14. लाइफ में अपने उद्देश्य बनाये, और अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अपना तन और मन दोनों लगा दे । 
  15. अपनी ऊर्जा और अपने टैलेंट को सही दिशा दे , अपने अंदर की खूबियों को पहचाने ।  जब आपका आंतरिक मन खुश होगा तो आपके पास चिंता नहीं बल्कि चेतना होगी ।  अपने अंतर मन को जगाओ, दूसरों को समझने से पहले खुद को समझो, अगर आप कोई गलती करें तो सबसे पहले आप खुद को डांटे , क्योंकि आपको सब पता हैं क्या सही हैं क्या गलत ।  अपनी गलती को स्वीकार करने के लिए एक अच्छा दिल चाहिए, जो हम सबके पास हैं , बस जरुरत हैं तो उसे समझने की ।
  16. सामाजिक बंधन इस लिए नहीं हैं, की हम एक दूसरे को दुख या सुख में अकेला छोड़ दे बल्कि इसलिए हैं की जब परेशानी पड़े तो हम एक दूसरे के साथ खड़े रहे ।  सच्चाई की ताकत तो किसी से छुपी नहीं हैं , इसलिए सच का साथ दे , क्योंकि सच्चाई की एक लौ भी अनेको दीपक को जला सकती हैं, मतलब एक सच्ची बात आपकी हजारों चिताओ को ख़तम करने की ताकत रखती हैं ।

Social Anxiety या किसी भी प्रकार की कोई चिंता और परेशानी को अपने आप पर हावी ना होने दे,  अपने आपको  मजबूत पिलर के भांति खड़ा रखे, जिसके आधार पर आप अपना सपना तो पूरा कर ही सके बल्कि हजारों और लाखों लोगो के जीवन को जीने की सही राह दिखा सके ।

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