किसी भी business में सबसे important हैं custome handling , ऐसे में How to Handle different types of customers एक बहुत ही मुश्किल काम हैं। जब आप किसी भी business को करते हैं, तो आपका पाला कई तरह के customers से पड़ता हैं।

सबकी जरुरत, सोच और पसंद अलग -अलग होती हैं , ऐसे में सबको अच्छे से handle करना आना बहुत जरुरी हैं। किसी भी business का base customes ही हैं, और हर कोई यहाँ custome हैं, हर कोई अपनी जरुरत के हिसाब से खरीदता और बेचता हैं।

Customer handling इस लिए भी impotant हैं क्योंकि आज कल लोग वही से shopping करना पसंद करते हैं जो सही से आदर से बात करे। एक बात ये भी हैं की आज ज्यादातर लोग short tempered हैं, जरा सी बात पर गुस्सा हो जाना , irrited हो जाना आम बात हो गयी हैं।

आप खुद सोचिये क्या आप किसी ऐसी shop पर जाना चाहेंगे जहा पर आपको कोई सही से response ना करे। जाहिर सी बात हैं आप ऐसी shop पर एक बार गलती से चले भी गए तो जिंदगी में दुबारा कभी नहीं जाना चाहेंगे।

किसी भी business को अच्छे से चलाना हैं तो customers को भगवान् का दर्जा दे। ये बड़ी भाग्य की बात हैं की आपके पास customers हैं, आज दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास customes ही नहीं हैं, और बिना customer के shop तो बंद हो ही जानी हैं , इसलिए कभी भी अपने आप को customer से ऊपर ना समझे।

How to Handle different types of customers
How to Handle different types of customers

कस्टमर्स को डील करते समय इन बातों का रखे ध्यान

Shopkeeper और customes दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों का काम एक दूसरे की बिना नहीं चलता हैं , ऐसे में दुकानकार जो की सर्विस प्रोवाइडर है उसकी अपने customer के प्रति कुछ dealing tips हैं , जो की नीचे दिए गए हैं।

कस्टमर के साथ professionaly बात करे

आप customer से हमेशा प्रोफेशनल तरीके से बात करे, कभी भी ऐसी कोई बात ना कहे जो ठीक ना हो। आप कस्टमर से पॉइंट तो पॉइंट बात करे, और इस बात पर ज्यादा जोर दे की आपका कस्टमर आपकी दुकान से खाली ना जाए, जब भी आये तो कुछ ना कुछ सामान लेकर जरूर जाए और यदि उसकी जरुरत का सामान आपकी दुकान पर नहीं हैं तो आप यदि उसे प्रोवाइड करा सकते हैं तो करा दीजिये नहीं तो आप किसी और दुकान के लिए रेकमेंड भी कर सकते हैं।

कस्टमर के साथ कभी भी नेगेटिव बात ना करे, आप मार्किट में सबसे बेहतर हैं, ऐसा ना कहे , यदि आपका कस्टमर खुद से आपकी तारीफ़ करे, तो अच्छी बात हैं। आज का कस्टमर बहुत स्मार्ट हैं, यदि आप किसी और दुकान के बारे में कोई भी नेगेटिव बात बोलेंगे तो भी वह आपसे सामान नहीं लेगा क्योकि उसे लगेगा की जरूर आपके सामान में कुछ गड़बड़ी हैं , इसलिए आप ऐसा बोल रहे हो। आपको सोच समझकर बोलना हैं।

कस्टमर के साथ हमेशा patience रखे

कभी आपका कोई कस्टमर आपसे बहुत सारे प्रोडक्ट खुलवा कर देखेगा और फिर आपसे बोलेगा की बाद में लेंगे , तो ऐसी कंडीशन में आपको गुस्सा आ सकता हैं या आपको लगेगा की जब लेना नहीं था तो क्यों खुलवाया , ऐसी सिचुएशन में भी आपको पेशेंस रखना हैं और बोलना ही की कोई नहीं देख लीजिये जब आपको लगे तब ले लीजियेगा। कस्टमर आपके इस व्यवहार से बहुत अधिक प्रभावित होगा और दुबारा आकर आपकी दुकान से शॉपिंग जरूर करेगा।

कस्टमर के साथ freindly cum respect से बात करे

आपका कोई भी customer हो , सभी आपके लिए बहुत ही मूल्यवान हैं , इसलिए सभी के साथ अच्छे से freindly behave करे। ज्यादातर लोग सोचते हैं की ये कस्टमर तो कम पैसे की शॉपिंग करेगा और ये ज्यादा की करेगा , तो ऐसे में कम पैसे की शॉपिंग वाले कस्टमर पर ध्यान ही नहीं देते हैं जो आपकी छवि को ख़राब कर सकता हैं।

कोई शॉपिंग करे या ना करे, आप अपना व्यवहार सदैव अच्छा रखे। आज शॉपिंग नहीं की तो क्या हुआ कल वह आपके पास ही शॉपिंग के लिए आएगा , ये बिलकुल सच हैं।

कस्टमर के साथ कभी भी argue ना करे

यदि आपका कस्टमर किसी भी प्रोडक्ट को लेकर कुछ भड़का हुआ हैं, तब भी आपको बड़ी ही चतुराई से उसे डील करना हैं। किसी भी बात को लेकर कभी बहस ना करे, यदि आपने किसी भी बात को लेकर कुछ भी बोला तो वह कस्टमर आपकी दुकान पर दुबारा नहीं आएगा। वैसे भी जब आप किसी व्यापार में हो तो कभी भी pesonal talk ना करे, कोशिश करे, कम से कम बोलकर ही आपका प्रोड्कट सेल हो जाए मतलब जहा जितनी जरुरत हो उतना ही बोले।

कस्टमर्स के requirement and budget को समझने की कोशिश करे

सबसे पहले इस बात पर ध्यान दे की आपका कस्टमर क्या चाहता हैं, उसकी जरुरत क्या हैं, उसका बजट क्या हैं। यदि आपके कस्टमर का बजट बहुत ही कम हैं , और आपकी शॉप पर उस रेंज के प्रोडक्ट नहीं हैं तो आप बड़े प्यार से उसे अपनी रेंज बता दीजिये और यदि वह आपके प्रोडक्ट रेंज को देखने में इंटरेस्टेड हो तभी दिखाईये।

कभी -कभी संकोच और शर्म के कारण कस्टमर अपना buget शेयर नहीं कर पाता हैं, इसलिए आप अपने कस्टमर से बड़े ही आदर से requirement and budge पूछ लीजिये या फिर अपने प्रोडक्ट रेंज को बता दीजिये।

कभी भी किसी भी कस्टमर के बजट कम होने पर उसका मजाक ना बनाये और ना ही ये कहे की इतने कम में आपको कही नहीं मिलेगा , आप उसे आदर के साथ मना करे। मतलब जाने -अनजाने में ऐसी कोई बात ना कहे जो आपके कस्टमर की दिल को चुभ जाए।

कस्टमर से eye contact बनाकर ही बात करे

जब आप किसी से eye contact बनाकर बात करते हैं, तो लगता हैं की आप उसकी बात को अच्छे से सुन समझ रहे हैं। आपने भी feel किया होगा जब आपको कोई बिना देखे कुछ बोले या कहे तो ऐसा लगता हैं की सामने वाला आपको ignoe कर रहा हैं, इसलिए आप काम में चाहे कितने भी busy क्यों ना हो , हमेशा customes से eye contact करके बात करे। Customes को ignoe ना करे।

आपके पास बहुत से कस्टमर हो सकते हैं , और हो सकता हैं की आप सुबह से कस्टमर्स को डील करते -करते बहुत थक गए हो तो क्या शाम को आये कस्टमर्स के ऊपर आप अपनी थकान का फ़्रस्ट्रेशन निकाल सकते हैं, नहीं ना , इसलिए हमेशा कूल रहे।

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