How to manage covid isolation, कोरोनावायरस में 14 दिन का आइसोलेशन किसी वनवास से कम नहीं हैं, पर यदि इस हम इस आइसोलेशन को अच्छे से फॉलो करते हैं तो और कई लोगो को भी संक्रमित होने से बचा सकते हैं जैसा की आज सबको ही पता हैं कि कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया में अपनी जड़े जमा ली हैं और इसका असर भारत के कई राज्यों में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा हैं।

कोरोनावायरस आज जितना शारीरिक छति पंहुचा रहा हैं उतना ही मानसिक छति भी पंहुचा रहा हैं। एक बीमार शरीर के साथ अकेले रहना एक बड़ा ही मुश्किल काम हैं कुछ लोग बीमारी से नहीं अकेलेपन से हार जाते हैं इसलिए यदि आपके घर में भी कोई आइसोलेशन में हैं तो उससे अपने आप को कनेक्ट रखे, बीच बीच में बात करके उसके अकेलेपन को भरते रहे।

How to manage covid isolation
How to manage covid isolation

Tips to manage coronavirus isolation

आइसोलेशन को मैनेज करने के लिए कुछ सिंपल टिप्स हैं जिसे अपनाकर आप अपने आइसोलेशन को मैनेज कर सकते हैं।

मोटिवेटेड लोगो से फ़ोन पे बात करते रहे

ऐसे में नेगेटिव लोगो से बिलकुल भी बात ना करे , क्योंकि ये लोग इधर -उधर के किस्से सुनाकर आपको डरा सकते हैं और इससे आपकी तबियत बिगड़ सकती हैं। पॉजिटिव लोगो से बात करते रहिये और खुद को बिलकुल भी अकेला ना समझे, आपके अपने आपके आस -पास ही हैं, आप एक आवाज देंगे और सब आ जाएंगे , यही आपको सोचना हैं। कोई आपको छू नहीं सकता हैं, कोई आपके पास नहीं आ सकता हैं, इस सोच से बचे , जब भी आपको जरुरत होगी आपके लोग आपके पास होंगे।

योगा और प्राणायाम से दिन की शुरुआत करे

योगा और प्राणायाम से दिन की शुरुआत करे इससे आपका शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ होगा और आपका समय भी पास हो जाएगा।

मेडिसिन को बिलकुल भी समय पर खाये

अपने मेडिसिन खाने के समय को बिलकुल भी ना भूले और ना लापरवाही करे। डॉक्टर द्वारा बताये गये समय पर ही मेडिसिन खाये। डॉक्टर द्वारा बताई गयी हर बात को फॉलो करो।

अपने आप को ना समझे अकेला

अपने मन में बिलकुल भी अकेलापन ना फील करे, सामान्य रहे, बिलकुल भी घबराये नहीं, पर अलर्ट जरूर रहे और ज़रा से भी असामान्य लगने पर अपने अटेंडेंट को सूचित करे। आज सब आपके लिए परेशान और दुखी हैं इसलिए आपको जल्दी ही इस मुसीबत से बाहर निकलना हैं, ये सोचना हैं।

कमरे के दरवाजे लॉक ना करे

आप जिस कमरे में भी हो उसे बंद करे पर लॉक ना करे, मतलब दरवाजे को धीरे से चिपका दे पर लॉक ना करे, क्योंकि यदि अचानक कोई इमरजेंसी हुई तो आपके अपने उस सिचुएशन को आसानी से मैनेज कर पाएंगे और समय -समय पर आपका हाल भी ले पाएंगे ।

अपने कमरे की खिड़किया खोलकर रखे जिससे नेचुरल ऑक्सीजन आये और आपका बाहर देखकर अपने मन को भी बहला पाएंगे, यदि कमरे से अटैच बालकनी हैं तो आप वहा पर बैठकर नजारा ले सकते हैं पर जब भी बालकनी में जाए तो मास्क जरूर लगा ले।

मोटिवेशनल बुक्स पढ़े

हालांकि ऐसे में कुछ अच्छा नहीं लगता है, पर यदि आप एक बार अपने दिमाग को खींच कर कही और लगा देंगे तो आपका मन उस तरफ लगने लगेगा जैसे टीवी पर कोई अच्छी मूवी देखना, अपनी पसंद के सांग सुनना, राइटिंग करना , कविता लिखना या फिर ड्राइंग करना इत्यादि , मतलब अपने आप को दुनिया से अलग ना समझे की आप बीमार हैं तो आप कुछ कर नहीं सकते हैं, आप अपनी बीमारी में भी कुछ क्रिएटिव औरो से अलग कर सकते हैं और फिर ठीक होने के बाद अपने इस अनुभव को और लोगो से भी शेयर कर सकते हैं जिससे सभी लोग प्रभावित होंगे।

मन से ना हारे

कुछ लोग पानी गहरा होने पर तैरना ही छोड़ देते हैं और कुछ लोग लगातार तैरते रहते हैं और फिर वह किनारे पर आ जाते हैं। सिचुएशन चाहे कितनी भी बेकार क्यों ना हो आप को जीने की चाह नहीं छोड़नी हैं। जीने की तमन्ना ही आपको जिंदगी देगी ।

आप ये ना सोचे की अब तो ये बीमारी ठीक नहीं होगी, अब क्या होगा, क्या मैं बचूंगा या नहीं, बल्कि आप सोचे की सब अच्छा होगा, मैं जल्दी ही इस सिचुएशन से बाहर निकल जाऊँगा इस तरह से पॉजिटिव सोचे।

खाने पीने का रखे खास ख्याल

ये ना सोचे की आप बीमार हैं तो आपको बार -बार नहीं खाना हैं, यदि आपको ठीक लग रहा हैं और भूंख भी लग रही हैं तो आप प्रॉपर खाओ पर यदि आपका खाने का मन नहीं हो रहा हैं और टेस्ट भी नहीं आ रहा हैं, तब भी आपको खाने को दवाई समझकर खाना हैं किसी भी स्थित में खाना खाना नहीं छोड़ना हैं।

Stay safe and Healthy…..

Share This :