जीवन में व्यवस्थित होना बहुत जरुरी हैं क्योंकि असफलता का मुख्य कारण व्यवस्थित ना होना ही हैं। How to set your daily Routines अपनी दिनचर्या कैसे सेट करें, ये बहुत ही इम्पोर्टेन्ट टॉपिक हैं ज्यादातर लोग इसे महत्व नहीं देते हैं और अपनी जिंदगी में कुछ भी नियम और कानून नहीं बनाते हैं जिससे वह लाइफ में भी हमेशा परेशान और दुखी रहते हैं। एक बात तो मानना पड़ेगा लाइफ में जब तक अनुशासन नहीं होगा तब तक लाइफ में ना ही सफलता होगी और ना ही शांति होगी।

ज्यादातर लोग अनुशासन को फॉलो नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें एक जैसी जिंदगी को जीना पसंद नहीं होता हैं, वह हर छोटी बात से इतनी जल्दी बोर हो जाते हैं जैसे एक छोटा बच्चा अपने खिलोनो से हो जाता हैं।

आपके जीवन का एक -एक पल बहुत कीमती हैं और यदि आप इन कीमती और कभी ना वापस आने वाले पलों को यूं ही बेकार की बातों में व्यर्थ कर देंगे तो इससे आप जीवन में वह सब नहीं पा पाएंगे जिसकी इच्छा अभी भी आपके दिल में हैं।

जीवन तब तक सार्थक नहीं होगा, जब तक आप एक अच्छी जीवन शैली को नहीं अपनाते हैं। जिंदगी को काटना और जिंदगी को जीना दोनों ही अलग -अलग बातें हैं और यदि आप भी अपनी जिंदगी को काटना नहीं जीना चाहते हैं तो आज से अपना एक डेली रूटीन सेट करे जिससे आप अपने समय और ऊर्जा दोनों को बचा पाएंगे और अपनी लाइफ के छोटे -बड़े हर सपने को पूरा भी कर पाएंगे।

How to set your daily Routines अपनी दिनचर्या कैसे सेट करें
How to set your daily Routines अपनी दिनचर्या कैसे सेट करें

बहुत से लोग सोचते हैं की कर लेंगे , अभी तो बहुत समय हैं, जब कही जाना नहीं हैं तो क्यों सही से रहना, कोई देखने वाला नहीं हैं तो एक अच्छा मेंटेनेंस क्यों बनाना इत्यादि। सबसे पहले तो मैं आपसे ये कहना चाहूंगी, की सबसे पहले तो आप जिंदगी को जीना सीखिए और ये समझ लीजिये की जीवन बेहद अनमोल है एक बार गया जीवन और समय कभी लौटकर वापस नहीं आता हैं इसलिए इसे ख़राब ना करे।

जीवन में डेली रूटीन को सेट करने से क्या लाभ हैं इस बारे में पता कर लेना बहुत जरुरी हैं क्योंकि आजकल व्यक्ति लाभ पहले देखना चाहता हैं और मेहनत बाद में करना चाहता हैं। नीचे बताये गए डेली रूटीन सेटिंग के कई फायदे हैं आप उन्हें अपनाकर अपने जीवन को एक सही दिशा दे सकते हैं।

सोने और उठने का समय निश्चित करे

अपनी मर्जी से काम करना बहुत अच्छी बात हैं, पर जब आप इसका गलत प्रयोग करते हैं तो इसका सीधा असर आपकी जिंदगी पर पड़ता हैं। हो सकता हैं समय से उठना या सोना आपके लिए एक छोटी सी बात हो पर आज कल की लाइफस्टाइल में ये एक बहुत बड़ी समस्या हैं और इसका सीधा असर हमारे स्वाभाव और स्वास्थ्य पर पड़ता हैं।

यदि आप रात में समय से बिस्तर पर नहीं जाएंगे तो आप क्या आप सुबह जल्दी उठ जाएंगे और यदि आप जैसे -तैसे उठ भी गए तो क्या आप उतना फ्रेश और ऊर्जावान महसूस कर पाएंगे जितना की आपको करना चाहिए था। मतलब एक छोटी सी बात भी हमारी लाइफ में बड़ी समस्या बन सकती हैं, इसलिए अपने सोने और जागने का समय आप निश्चित करे ना कोई और निश्चित करे।

अपने दिन के और रात्रि के भोजन का समय निश्चित करे

काम तो जिंदगी भर रहेगा, पर ये जिंदगी तभी रहेंगी जब आप सही से संतुलित भोजन को समय से खाएंगे। कभी भी खा लेना, खाने का कोई समय ना होना, काम के चक्कर में खाने को इग्नोर करना, ये सब गलत आदतें हैं जो एक बार बन गयी तो आसानी से नहीं जाती हैं।

आज आप जिसके लिए भी काम कर रहे हैं और आप अपने खाने को इम्पोर्टेंस नहीं दे रहे हैं , भगवान् ना करे की कल आपकी तबियत ख़राब हो जाए तो क्या वह लोग आपकी हेल्थ को वापस कर पाएंगे जिनके लिए आज सुद्बुध को खोकर बस काम पे काम किये जा रहे हैं। एक झूठी तारीफ के चक्कर में अपनी हेल्थ से मजाक ना करे , पैसा इम्पोर्टेन्ट हैं, इस बात से मैं इंकार नहीं करुँगी, पर आपसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट नहीं हैं, ये बात आपको समझनी होगी।

रात्रि में सोने के घंटो की अवधि निश्चित करे

कमसे आठ घंटे की नींद जरूर ले, फिर चाहे हो भी हो जाए। सब कुछ मैनेज हो जाएगा आप एक बार इसको फॉलो तो करिये। बल्कि नींद पूरी होने से आप अपने काम में या पढ़ाई में और ज्यादा मन लगा पाएंगे और उसके रिजल्ट्स भी बहुत अच्छे आएंगे इसलिए अपने नींद के घंटो को बिलकुल भी कम ना करे।

अपनी दिनचर्या में अपनी हेल्थ पर सबसे ज्यादा जोर दे

हेल्थ को सबसे ऊपर रखे, जब आप ठीक रहेंगे तो आप हर काम को कर पाएंगे और जब आप ही ठीक नहीं रहेंगे तो आप दूसरों को क्या ठीक रखेंगे। जीवन को जीने के लिए सिर्फ धन ही नहीं चाहिए, धन के साथ -साथ स्वस्थ तन और मन दोनों ही चाहिए होते हैं इसलिए अपनी हेल्थ का पूरा ख्याल रखे।

अपने घर के काम करने का समय निश्चित करे

हर चीज का समय निश्चित कीजिये और तभी वह काम करिये, शुरुआत में हो सकता हैं आपको थोड़ा ठीक ना लगे पर एक बार जब आप सब करने लगेंगे तो धीरे -धीरे आपको यही सब अच्छा लगने लगेगा।

परिवार के साथ बिताने के लिए अपने समय को निश्चित करे

व्यस्त रहो, मस्त रहो, अच्छी बात हैं, पर इतना भी व्यस्त ना रहों की अपने माँ -बाप, बीवी बच्चो और यार दोस्तों के लिए भी समय ना हो। जिंदगी में प्यार नहीं हैं, तो भी जिंदगी बेकार हैं। एक दूसरे के लिए हमेशा ढाल बनकर खड़े रहिये, आपके रहते किसी को भी अकेलापन ना लगे। अपने लोगो से सदैव टच में रहे ज्यादा दूरिया रिश्तों में दरार डाल देती हैं और खूबसूरत रिश्तों को बेजान कर देती हैं।

सामाजिक कार्यो के लिए समय निर्धारित करे

कुछ समय अन्य लोगो के लिए भी रखे, जैसे पास -पडोसी इत्यादि। आप दुनिया में बहुत कुछ करने के लिए आये हैं। आप दूसरों की भलाई के लिए सदैव तैयार रहे, लोगो के दुःख दर्द सुने और जो बन सके उसे करने की भी कोशिश करे।

अपने ऑफिस और घर के कामो को समय पर ही पूरा करे

ऑफिस का काम ऑफिस में ही ख़तम करे, उसे घर तक ना लाये तभी अच्छा हैं और यदि कभी लाना भी पड़े तो उसे सबसे पहले ख़तम करके अपने घर पर भी ध्यान दे। कोशिश करो की जो काम जहा पर ख़तम होना चाहिए वही पर हो जाए।

पेंडिंग कामो की सूची को अधिक बढ़ने ना दे

आज का काम कल पर और कल का काम परसो पर ना छोड़े, ऐसा करने से आप हमेशा प्रेशर महसूस करेंगे और किसी भी काम को बढ़िया तरीके से नहीं कर पाएंगे। थोड़े -थोड़े काम को निपटाते रहे।

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