Why feelings sharing is needed क्योंकि आज लाइफ में आपको एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिलेगा जो पूरी तरह से खुश हो। आज कही ना कही लोग अंदर से परेशान तो होते हैं पर वह अपनी बात को किसी से कह नहीं पाते हैं और ज्यादातर लोग ये सोच कर भी किसी से अपनी प्रोब्लेम्स को शेयर नहीं करते हैं की सामनेवाला क्या कहेगा।

आज ये बहुत बड़ी विडंबना हैं जो अपना होने का दावा करते हैं, धोखा भी वही देते हैं। जीवन में हमेशा याद रखना जब आप किसी की बुरी आदतों को सबसे छुपाओगे वह व्यक्ति अंदर ही अंदर आपको परेशान करेगा, इसलिए यदि आपको कोई जरुरत से ज्यादा परेशान करे तो उसकी बातें अपनों से शेयर करे। आज सबको अपनी इज्जत प्यारी हैं, इसलिए जब आप बातों को शेयर करना शुरू करेंगे वही से समस्याएं भी कम हो जाएंगी।

ज्यादातर लोग इस बात का ही फायदा उठाते हैं की आप अपनी problems को किसी से share नहीं कर रहे हैं। आज हर कोई हर किसी को दबाने में लगा हैं, ज्यादातर लोग अपने से कम status के लोगो को दबाते हैं। अपने से ज्यादा status वाले इंसान को ना ही कोई दबा सकता हैं और ना ही कुछ कह सकता हैं।

Why feelings sharing is needed
Why feelings sharing is needed

Example 1

किसी छोटी बात पर भी आप किसी रिक्शेवाले पर चिल्ला लेते हैं, पर वही बात किसी बड़े आदमी के द्वारा होगी तो उसके sorry से भी ओके हो जाएंगे और रिक्शेवाले को जब तक 2 झापड़ लगा नहीं लेंगे तब तक चुप नहीं बैठेंगे।

Example 2

बच्चे को पता हैं की आप मेहमानो के सामने उसे कुछ नहीं कहेंगे, इस लिए कभी जरुरत से ज्यादा शैतानी करने लगते हैं यदि आपने एक बार उसे सबके सामने ही उसकी गलती पर उसे टोका तो वह कार्य जीवन में कभी दोबारा नहीं करेगा।

ऊपर दिए गए उदाहरणों से समझ गये होंगे की जीवन में जितना आप किसी को सर पर चढ़ाएंगे उतना ही दिक्कत होगी, पर इसका ये मतलब कतई नहीं हैं की आप अनावस्यक बात पर किसी से झगडे या बिना वजह पंगा ले।

ऐसे -ऐसे लोग हैं जो कुछ नहीं बताते हैं की वह क्या सोच रहे हैं , उनकी जिंदगी में क्या चल रहा हैं, पर क्या कभी सोचा हैं की यदि आपके साथ कुछ भी बुरा हुआ तो आपके पीछे आपकी फॅमिली का क्या हाल होगा, और उन्हें जीवन भर यदि गम सताएगा की वह आपके लिए कुछ नहीं कर पाए, या वह ये समझ ही नहीं पाएंगे की आप दुखी भी थे, इसलिए लाइफ में छोटी -छोटी बातों को भी seriously ले और alert रहे। विश्वास अपनी जगह हैं पर आप अपनी safety खुद रखे।

जिंदगी को खुली किताब बनाये जिससे ना ही आपको कोई ब्लैकमेल कर पाए और ना ही कोई आपको दबा पाए। जब आप सही होंगे तो आपको दबने की कोई जरुरत नहीं हैं, क्योंकि दबता वही हैं जिसमे कुछ कमी होती हैं , या समाज में अपने रिश्ते को बनाये रखने के लिए , इसलिए हमेशा सही करे और अपनी बात को डंके की चोट पर कहे, कभी भी किसी से डरने की जरुरत नहीं हैं।

आज किसी को नहीं बताने वाले कांसेप्ट पर ना चले, एक कहावत तो आप सब ने भी सुनी होंगी, की साँच को आंच नहीं, जब आप गलत नहीं हैं तो क्यों सुनना, क्यों अंदर ही अंदर दब जाना। ये समस्या आपको सिर्फ समाज में नहीं बल्कि आपको अपने घर में भी फेस करनी पड़ सकती हैं, यदि आप पूरा दिन सारा काम कर लेंगे तो कोई भी ये नहीं कहेगा की आपने वह काम अकेले क्यों किया, हम सब मिलकर करेंगे। तो देखा जाए हर जगह आपको अपना ध्यान रखना होगा, पहले अपने लिए जियो फिर सबके लिए जियो, क्योंकि जब आप ही खुश नहीं होंगे, तो सबको कैसे खुश रखेंगे।

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