किसी ने खूब ही कहा हैं, Zindagi naa milegi dobaara, बिलकुल सच हैं। क्या पता अगला जनम कैसा हो , हो या ना भी हो , इसलिए अपने जीवन को सार्थक बनाये। यहाँ कोई भी अमर नहीं हैं , सबको एक दिन जाना होगा। जब तक जीवन हैं , अपने जीवन को अच्छे से जिए , जो कुछ भी हैं उसके लिए ईश्वर को धन्यवाद दे और जो नहीं हैं उसको पाने के लिए कर्म करे। कर्म ही जीवन का सार हैं।

सबकुछ किस्मत पर ना छोड़े। सामने खाने की थाली भी आ जाए पर आपको खाने के लिए अपना हाथ बढ़ाना होगा , ऐसे ही जीवन में ईश्वर आपको हर समय सही रास्ता दिखाएंगे पर चलना तो आपको ही होगा।

Zindagi naa milegi dobaara
Zindagi naa milegi dobaara

जिंदगी को खुलकर जियो

जिंदगी के हर पल को जीना शुरू करे, जिससे बाद में कोई शिकायत ना रहे। जिंदगी एक निश्चित समय तक हैं, हम सब ऐसे रियेक्ट करते हैं जैसे हमे कभी यहाँ से जाना ही नहीं हैं। समय के साथ साथ आपकी ऊर्जा भी कम होगी, इसलिए अपने समय को बिना गवाएं जिंदगी को जिए।

जिंदगी को घुट- घुट के ना जिए बल्कि जिंदगी को हंस -हंस के जिए , जिससे जिंदगी खूबसूरत भी होगी और लम्बी भी होगी।

सोचने से कुछ नहीं होगा , एक्शन लीजिये

हम सब ज्यादातर सोचते ज्यादा हैं, और करते बहुत कम है , जिसकी वजह से रिजल्ट भी लेट आते है और हमे लगता हैं की लाइफ में कुछ हो नहीं रहा हैं। अपनी अच्छाइयों को और बढ़ाओ , और बुराईयो को अपनी जिंदगी से हटा हो, तभी आप को सही रास्ता दिखेगा।

हमेशा प्लांनिग करने से कुछ नहीं होगा, मतलब ख्याली पुलाव ऐसा होगा, वैसा होगा, आप सिर्फ प्लांनिग ही करते रहेंगे और जिसने उस समय एक्शन ले लिया उसकी जिंदगी संवर जायेगी। जिंदगी के कुछ ऐसे पल होते है जिनमे यदि हम सही निर्णय ले ले तो हमारा जीवन बन जाता हैं और यदि हम उस पल में सोचते रहे तो सब कुछ रेत की तरह हाथ से निकल जाता हैं।

खुलकर मुस्कराओ , क्योंकि एक मुस्कराहट आपके हर दर्द को कम कर देगी

हर छोटी बात पर अपने आप को दुखी कर देना ठीक नहीं हैं , जिंदगी से लड़ना सीखिए, जिंदगी में तो ना जाने कितने और उतार -चढाव आएंगे तो क्या आप मुस्कराना छोड़ देंगे, नहीं ना।

खुद खुलकर हंसो, आपका खिला – मुस्कराता चेहरा ही आपको जीवन को सही मायने में जीने की राह दिखायेगा। आपकी जिंदगी हैं इसे आप अपने तरीके से जिए कोई क्या कहेगा, क्या कह रहा हैं , यदि हमेशा इस बात के बारे में सोचेंगे तो जीवन को अच्छे से नहीं जी पाएंगे , ये सब बातें बताने का सिर्फ एक मात्र कारण हैं , Zindagi naa milegi dobaara.

दूसरों के साथ ऐसा व्यवहार करे जैसा आप खुद के साथ चाहते हो

पहले गलती हम खुद करते है, और जब वही सब हमारे साथ होता है तो हमे बहुत बुरा लगता हैं। इसलिए कहते है, हमेशा सबके साथ ऐसा व्यवहार करे जैसा आप अपने साथ चाहते हो।

सबसे पहले तो दूसरो में कमिया ढूढ़ना बंद करिए , हर इंसान में लाख बुराई हो पर कोई ना कोई अच्छाई भी होती हैं, आपको सिर्फ एक अच्छाई पर फोकस करना हैं।

हर व्यक्ति अलग- अलग है, इसलिए किसी को जज ना करे। आप सिर्फ अपना व्यवहार सही रखे, ज्यादातर लोग कहते हैं जब उसने नहीं किया तो मैं भी क्यों करू , ये ना सोचे यदि आप किसी काम में सक्षम हैं तो जरूर करे, ये भी भाग्य की बात है की आप किसी के काम आ रहे हैं।

जैसे तो तैसा , वाला concept छोड़ना पड़ेगा, नहीं तो हम सब आने वाले समय में बिलकुल अकेले हो जाएंगे। जब भी किसी को आपकी जरुरत पड़े और आप help कर सकते हैं, तो जरूर करे, फिर चाहे भले ही वह कोई भी हो।

अपनी तुलना किसी से ना करे

लाइफ में हर कोई एक जैसा हो, ये संभव नहीं है। हर कोई अलग अलग गुणों और अवगुणो में पारंगत हैं। आप जैसे हैं, उसमे खुश रहे , पर हमेशा और बेहतर के लिए प्रयास करे।

किसी से तुलना करने से मतलब ये नहीं हैं की आप आगे बढ़ने का प्रयास ना करे, आप जहा हैं जिस भी सिचुएशन हैं हमेशा आगे बढ़ते रहे और आस का दामन का कभी ना छोड़े।

तुलना ना करने से एक बात ये भी हैं की लाइफ में हर कोई एक जैसी लाइफ जिए, ये तो पॉसिबल नहीं है, कोई किसी एक पल में बहुत दुखी हैं तो कोई उसी पल में बहुत ज्यादा खुश हैं। आप तो अनमोल हैं , जिसका कोई भी मोल नहीं है, इसलिए किसी से भी अपनी तुलना करके अपने आप को दुखी क्यों करना हैं।

अपने जीवन को सही दिशा दे

जीवन का मार्ग बहुत कठिन है, इसमें सुख -दुःख, दर्द-मरहम, दया-निर्दयता और ना जाने कितने गुण-अवगुण हैं , इसलिए समय -समय पर आपको खुद को सही रास्ता दिखाना होगा।

जब आप सही राह पर चलेंगे , इससे आप अपने जीवन को तो खुशहाल बनाएंगे ही और इसके साथ -साथ लाखों और लोगो को भी inspire करेंगे। अपने जीवन को सही उद्देश्य दे।

अच्छे और बुरे का फर्क समझे। अपने दिमाग का हर सिचुएशन में यूज करे। कुछ ना समझ में आये तो माँ -बाप, भाई -बहन या जीवनसाथी से राय ले। कहने का अर्थ हैं, जीवन में होने वाले उतार -चढाव से घबराये नहीं बल्कि उनका डट कर सामना करे।

Share This :