How to talk anyone, आज ज्यादातर लोग अपने जान पहचान के लोगो से तो बात कर लेते हैं पर जब हर किसी से बात करने की बात आती हैं तो वह कंफ्यूज हो जाते हैं की कैसे और क्या बात करे।

आज हम सब की लाइफ में बातचीत एक अहम् हिस्सा हैं , दिन में ही ना जाने हम सब कितनी बातें और कितने लोगो के साथ करते हैं फिर चाहे ऑफिसियल हो या नॉन ऑफिसियल हो , दोस्तों से और अपने रिश्तेदारों से ना जाने कहा -कहा की बातें करते हैं , तो ऐसे में हम सब के लिए ये जानना जरुरी हैं की जब भी हम किसी से talk करे तो क्या बात करे।

आज लाइफ में बात करना बहुत ही जरुरी हैं , एक संतुलित बात चीत बड़ी से बड़ी सफलता लाती हैं , लाइफ में आपके बहुत सारे दोस्त बनते हैं , बहुत सारे लोग आपकी बातों से प्रभावित होते हैं , बहुत सारे लोगो के लिए आप आदर्श बनते हैं , आप कह सकते हैं किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके बोल चाल पर निर्भर करता हैं।

आज कम बात करना या बात ही ना कर पाना एक बहुत ही आम समस्या हैं , आज जहा एक तरफ ऐसे लोग हैं जो किसी से भी बात करने में बहुत कम्फर्टेबले हो जाते हैं और दूसरी तरह कुछ ऐसे लोग हैं जो चाहकर भी अपनी बात नहीं कह पाते हैं , वह अकेले बैठे रहेंगे पर किसी से कुछ बात नहीं करेंगे ।

आज ऐसे ही लोग के लिए कुछ टिप्स हैं की वह कैसे अपनी talk को बढ़ा सकते हैं और अपनी लाइफ में नए लोगो को ला सकते हैं क्योंकि जब तक आप किसी से talk नहीं करेंगे तब तक आपके रिलेशन ना ही बनेगे और ना ही बिल्ड होंगे।

How to talk anyone

किसी से बात करने के लिए कुछ कारगर टिप्स

किसी भी व्यक्ति से बात करने के लिए नीचे बताई गयी बातों को ध्यान से पढ़े –

पहले सुने फिर बोले

आप जब भी बात शुरू करे तो सामने वाले को भी बोलने का अवसर दे। जब आप एक बात बोले तो उस पर जवाब जब आ जाए तभी दूसरी बात को बोले ऐसा ना हो की आप ही बोलते रहे और दूसरे को बोलने का मौका ही ना मिले।

Talk का मतलब ही हैं की दोनों पक्ष बोले और बारी -बारी से अपनी बात कहे। जब भी किसी भी कन्वर्सेशन में कोई एक पक्ष बोलेगा तो वह कन्वर्सेशन फ़्रुइटफ़ुल नहीं होगी।

बातों का आदान प्रदान बहुत ही जरुरी हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए दोनों पक्षों का बोलना बहुत जरुरी हैं।

जिससे बात करे उसे पहले रिलैक्स होने दे

अपने आस -पास के वातावरण को बहुत अच्छा रखे। जब भी आप किसी से बात करे तो सबसे पहले उसे आपके सामने कूल होने दे क्योंकि जब माहौल अच्छा होगा तो बातें भी अच्छी होगी।

कोई भी व्यक्ति जितना ज्यादा कम्फर्टेबले होगा वह उतना ही ज्यादा खुले दिल से बात करेगा इससे आपको उस व्यक्ति को समझने में आसानी होगी।

पुरानी बातों पर बात न करे

आप जब भी किसी भी व्यक्ति से बात करे, यदि वह इंसान आपसे पहली बार मिला हो या फिर चाहे कई बार मिला हो, किसी भी पुरानी बातों को ना छेड़े क्योंकि पुरानी बातों के बारे में आपका आज का कीमती समय भी ख़राब हो जाएगा।

आज ज्यादा तर लोगो पुरानी बातों के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं इसलिए गड़े मुर्दे ना उखाड़े । अपने आज के बारे में बात करे आने वाले कल की चिंता ना करे बल्कि तैयारी करे और ना ही भूतकाल की बातों की चर्चा करे।।

किसी के बारे में कोई बुरी बात ना करे

जब भी आप किसी से talk करे तो किसी के बारे में कोई भी बुरी बात ना करे। पीठ पीछे बात करना वैसे भी अच्छी आदत नहीं हैं यदि आप कुछ कहना चाहते हैं तो उस व्यक्ति के सामने कहे जिससे वह अपने में सुधार कर सके। ऐसे लोगो से भी लोग दूर रहना चाहते हैं जो हमेशा दूसरों की बुराई करते रहते हैं।

बात करते समय कोई स्टेटमेंट ना दे

जब भी किसी से बात करे तो कोई ऐसी बात ना कहे जो की स्टेटमेंट हो, जैसे मैं वहा कभी नहीं जाऊँगा, मैं तुमसे कभी बात नहीं करूँगा, मैं तुमसे मिलने कभी नहीं आऊंगा, क्योंकि लाइफ में किसी ने समय को नहीं देखा हैं और अक्सर हमे वही करना पड़ता हैं जो हम नहीं चाहते हैं।

हमेशा सोच -समझकर बात करे ऐसा कभी भी कुछ ना बोले जिससे किसी का मन दुखी हो।

बात करते समय अपने बॉडी लैंग्वेज का पूरा ध्यान रखे

किसी से भी बात करते समय अपने उठने और बैठने पर पूरा ध्यान दे। आपकी बॉडी लैंग्वेज बहुत ज्यादा matter करती हैं। जो लोग पर्सनालिटी वाइज बहुत अच्छे होते हैं, ऐसे लोगो से हर कोई inspire होता हैं और ऐसे लोग से हर कोई बात करना चाहता हैं।

समय और माहौल के हिसाब से बात करे क्योंकि कभी -कभी आपकी पॉजिटिव बात भी नेगेटिव हो सकती हैं , यदि समय ठीक ना हुआ।

बात करते समय अपनी voice tone को मेन्टेन रखे

जब भी आप किसी से बात करे तो बहुत ही प्यार और आदर से बात करे। कुछ लोग बात करते -करते बहुत ज्यादा हाइपर हो जाते हैं वह कही ना कही ठीक नहीं हैं। गुस्सा होने पर भी चिल्लाकर बात ना करे , यदि कोई प्रॉब्लम हैं तो आमने सामने बैठकर बात करे। अपनी आवाज को हमेशा संतुलित रखे क्योंकि आपके बोलने के अनुसार ही आपके रिश्ते बनेगे या बिगड़ेंगे।

बात करते समय अपने चेहरे के भाव को संतुलित रखे

जब भी आप किसी से बात करे तो अपने फेस एक्सप्रेशन को सही रखे। ज्यादा अपनी आँखों को या नाक -मुँह को न चलाये।

प्रश्न और उत्तर दोनों के लिए तैयार रहे

जब भी हम किसी से बात करते हैं तो आप जितने सवाल करेंगे आपको उतने ही जवाब भी मिलेंगे और आप जितने जवाब देंगे उतने ही सवाल भी होंगे, मतलब आप सिर्फ बोलेंगे ऐसा ना सोचे। बात करने का मतलब ही यही हैं की हर कोई अपनी बात को सही से रखे। आप जितना open talk करेंगे कन्वर्सेशन उतना ही अच्छा होगा और आप एक दूसरे को सही से समझ पाएंगे।

यदि जरुरत हो तो टॉपिक को बदल दे

कभी -कभी बातों का डायरेक्शन ही कही और चला जाता हैं , कह सकते हैं की हम पूरी तरह से टॉपिक से हट चुके होते हैं , और किसी ऐसे टॉपिक के बारे में बातें होने लगती हैं जो कई लोगो को पसंद नहीं आती हैं , ऐसे में आपको बहुत ही स्मार्टली टॉपिक को बदल देना हैं, जिससे आप जिस मुद्दे के लिए या जिस उद्देश्य से मिले हैं उसके बारे में बात कर पाएंगे।

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